जगदलपुर. प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव बस्तर प्रवास पर पहुंचे हुए हैं और उनके द्वारा जगदलपुर शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों को देख उनके हाथ सिर्फ निराशा ही लग रही है जिससे हताश और निराश होकर उप मुख्यमंत्री निर्माण कार्यों की लेट लतीफ़,गुणवत्ता विहीन कार्य और अनियमितता को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और ठेकेदारों पर नाराज़गी दिखा रहे हैं और तो और वे अपनी नाराज़गी को सोशल मीडिया पर भी प्रदर्शित करते दिखाई दे रहे हैं जिसे लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता जावेद खान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जगदलपुर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को और सरकार को आड़े हाथों लिया है,जावेद ने कहा है कि अरुण साव ने सांसद बस्तर, विधायक जगदलपुर और महापौर जगदलपुर तथा भाजपाई जनप्रतिनिधियों की सोशल मीडिया पर पोल खोल कर रख दी है अरुण साव की प्रतिक्रिया बता रही है कि भाजपाई जनप्रतिनिधि विकास कार्यों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं और जिसका खामियाजा बस्तर की जनता भुगतने को मजबूर है यदि स्थानीय जनप्रतिनिधि निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर होते तो आज अरुण साव के हाथ निराशा नहीं लगती बल्कि वे अपने जनप्रतिनिधियों की तारीफ कर बस्तर से लौटते परंतु वे तारीफ करें तो करें कैसे जहां इंद्रावती नदी पर पुराने पुल की जगह पर निर्माणाधीन नये पुल की स्वीकृति कांग्रेस सरकार के दौरान दी गई थी और जिसे 2024 तक बनाकर जनता को समर्पित किया जाना था परंतु आज 2026 अपने आधे वर्ष पर पहुंच गया और साय सरकार ने भी अपना आधा कार्यकाल समाप्त कर लिया परंतु निर्माण कार्य आज आधा से ज्यादा नहीं हो पाया है क्यों क्योंकि ना तो सांसद ने निर्माण कार्य में तेजी लाने कोई पहल करी ना ही विधायक ने इसे जल्द बनाने अधिकारियों और ठेकेदारों पर दबाव बनाया और ना ही महापौर ने इस पर कोई रूचि दिखाई वहीं 100 करोड़ खर्च करने के बावजूद भी अमृत जल मिशन से अब तक पानी नहीं आ पाया है, ठेकेदार बदले जा चुके हैं, समय-सीमा बढ़ाई गई पर आज भी योजना अधूरी पड़ी हुई है।
वहीं अग्रसेन चौक से पल्ली नाका तक 5 करोड़ की लागत से बन रहे फोर लेन सड़क के आजू-बाजू के पेड़ों को काटने में जो उत्सुकता महापौर ने दिखाई उसका कुछ प्रतिशत उत्साह यदि सड़क निर्माण पर दिखा दिया होता तो आज बारिश से पहले ड्रेनेज सिस्टम बन कर तैयार हो गया होता और उप मुख्यमंत्री की नाराज़गी का सामना ना करना पड़ता साथ ही साथ विशाखापट्टनम किरंदुल रेल मार्ग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज भी लेट लतीफी का शिकार बन चुका है जो दर्शाता है कि बस्तर के सांसद विधायक महापौर और भाजपाई जनप्रतिनिधि विकास कार्यों को लेकर अपनी ही सरकार में बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं जो जनप्रतिनिधि अपनी ही सरकार में विकास कार्यों को लेकर गंभीर नहीं हैं उनकी पोल सोशल मीडिया पर खोलकर उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने रख दी है।
जावेद ने कहा है कि अरुण साव आज जिले के अधिकारियों ठेकेदारों की नहीं बल्की अपनी ही सरकार के जनप्रतिनिधियों की बखिया उधेड़ रहे हैं वे एक तरह से उन्हें आईना दिखा रहे हैं और जनता को भविष्य के लिए ऐसे अवसरवादी नेताओं से आगाह भी कर रहे है.

